posted by Guruji Dharamveer Attri

Budh Greh | Vastu Cosmos | Guruji Dharamveer Attri | Vastu Scholar | Astrology Expert
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बुध ग्रह के शुभ लक्षण :

बुध ग्रह मिथुन तथा कन्या राशी का स्वामी हैं तथा इन दोनों राशियों पर ही इस ग्रह का शुभ एवं अशुभ प्रभाव पड़ता हैं | बुध मिथुन व कन्या राशी का स्वामी हैं इसलिए इन राशियों के व्यक्ति में कुछ विशेष गुण होते हैं|  जिस व्यक्ति की कुंडली में बुध ग्रह की दशा शांत और प्रभावी होती हैं | वह वाक् कला अर्थात बोलने में या किसी भी प्रकार का भाषण देने में निपूर्ण होता हैं |बुध ग्रह विद्या व तेज बुद्धि का सूचक होता हैं | इसलिए बुध ग्रह के मिथुन और कन्या राशी के व्यक्ति का दिमाग अधिक तेज होता हैं तथा वो पढाई में भी अच्छे होते हैं |  बुध ग्रह व्यापर और स्वास्थ्य के लिए शुभ माना जाता हैं , इसलिए इस ग्रह की दोनों राशियों के व्यक्ति व्यापर करने में कुशल होते हैं तथा उनका स्वास्थ्य भी अधिकतर ठीक रहता हैं |

दूषित एवं नीच बुध के लक्षण :

 कुंडली में बुध ग्रह की दशा के खराब होने पर व्यक्ति को दांतों से सम्बंधित परेशानियों का सामना करना पड़ता हैं. बुध ग्रह की दशा खराब होने पर व्यक्ति के दांत कमजोर हो जाते हैं और उन्हें दांतों में दर्द होने की भी शिकायत हो जाती हैं. बुध ग्रह के अशुभ प्रभाव से प्रभावित व्यक्ति की सूंघने की शक्ति कमजोर हो जाती हैं. बुध ग्रह का बुरा प्रभाव पड़ने पर इन दोनों राशियों के व्यक्ति को अन्धरुनी रोग होने की संभावना रहती हैं. बुध ग्रह के अशांत होने पर मिथुन और कन्या राशी के व्यक्तियों की वाक् कला अर्थात बोलने की क्षमता कम हो जाती हैं.  बुध ग्रह के कमजोर होने पर व्यक्ति को व्यापर, नौकरी या व्यवसाय में भी हानि हो सकती हैं | 

नीच या दूषित बुध के दोष को समाप्त करने के लिए – रतन पन्ना  

ज्योतिष  में बुध  के लिए  पन्ने  को निश्चित किया गया है जिसे हम एमरल्ड Emerald नाम से भी जानते हैं पन्ना एक प्रकार से बुध ग्रह का ही प्रतिरूप होता है इसमें बुध के गुण विद्यमान होते हैं, जिसे ज्योतिषीय दृष्टि में बुध को बली या मजबूत करने के लिए धारण किया जाता है  पन्ना धारण करने से व्यक्ति बौद्धिक क्षमता में वृद्धि होती है, तर्क शक्ति प्राप्त होती है गणनात्मक कार्यों में लाभ मिलता है, वाणी क्षमता और वाक शक्ति प्रबल होती है, शिक्षा और अनुसन्धान कार्यों में सहायता मिलती है, व्यव्हार कुशलता आती है, व्यापारिक गुणों का विकास होता है इसके अलावा त्वचा सम्बन्धी रोग, स्नायु तन्त्र की समस्या, मस्तिष्क से जुडी समस्याएं, अस्पष्ट उच्चारण की समस्या और हेजिटेशन की समस्या में भी पन्ना धारण करना लाभदायक होता है। जो लोग उनकी कुंडली में स्थित कमजोर बुध के कारण अपनी प्रतिभा या अपने ज्ञान का सही से प्रदर्शन नहीं कर पाते उनके व्यक्तित्व में भी पन्ना धारण करने से सकारात्मक परिवर्तन आते हैं इसके अंतिरिक्ष बुद्धिपरक, गणनात्मक और रिसर्च कार्य करने वाले लोगो के लिए पन्ना धारण करना सहायक और सकारात्मक परिवर्तन करने वाला होता है।  पन्ना धारण से पहले किसी योग्य ज्योतिषी की सलाह अवश्य लेनी चाहिए।

पन्ना धारण करने की विधि :

यदि आप बुध देव के रत्न, पन्ने को धारण करना चाहते है, तो 5.25 रत्ती से 7.25 रत्ती तक या इससे ऊपर के पन्ने को स्वर्ण या चाँदी की अंगूठी में जड्वाकर किसी भी शुक्ल पक्ष के  बुधवार को सूर्य उदय होने के पश्चात् इसकी प्राण प्रतिष्ठा करे! इसके लिए सबसे पहले अंगुठी को दूध,,,गंगा जल शहद, और शक्कर के घोल में डाल दे, 108 बारी ॐ बू बुधाय नम: का जाप करे तत्पश्चात अंगूठी विष्णु जी के चरणों से स्पर्श कराकर कनिष्टिका  में धारण करे! बुध के अच्छे प्रभावों को प्राप्त करने के लिए उच्च कोटि का पन्ना ही धारण करे, पन्ना धारण करने के 30 दिनों में प्रभाव देना आरम्भ कर देता है और लगभग 2 वर्ष तक पूर्ण प्रभाव देता है और फिर निष्क्रिय हो जाता है ! निष्क्रिय होने के बाद पुन: नया पन्ना धारण करे !  पन्ने का रंग हरा और दाग रहित होना चाहिए , पन्ने में कोई दोष नहीं होना चाहिए अन्यथा शुभ प्रभाओं में कमी आ सकती है !

ध्यान रहे पन्ना के साथ मोती एवं पुखराज को धारण करना वर्जित माना जाता है ।

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